Kyon Na Mahke Do Jahan Mahkane Wale Aa Gaye
क्यों ना महके दो जहां महकाने वाले आ गए
आने वाले आ गए वो आने वाले आ गए
झुक गए भटके हुए सर अपने मौला के हुज़ूर
रब से रब के बंदों को मिलवाने वाले आ गए
ये वही है जिनके सर सेहरा शफाअ़त का सजा
आसियों की बख़्शिशें करवाने वाले आ गए हैं
आमिना के घर में चल आक़ा को लेले गोद में
ऐ हलीमा तेरे दिन चमकाने वाले आ गए
ऐ सुराका़ कैसरो किस्रा का कंगन हाथ में
जो तुम्हें पहनाएंगे पहनाने वाले आ गए
आ गए आशिक़ बनाने वाले अपना क़र्न में
दिल बिलाले हब्शी का धड़कने वाले आ गए
देख कर मौला अली को खु़द ही खै़बर बोल उठा
मुझ पर परचम दीन का लहराने वाले आ गए
